लखनऊ हिंसा: CAA प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने वाले 53 उपद्रवियों के लगे पोस्टर


लखनऊ में सीएए  के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद यूपी सरकार की कार्रवाई जारी है. सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश पर उपद्रवियों के पोस्टर लखनऊ के चैराहों पर लगाए जा रहे हैं. इन पर प्रदर्शन की आड़ में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है. इनमें से कई आरोपियों को संपत्ति के नुकसान की वसूली का नोटिस दिया जा चुका है. लखनऊ के हजरतगंज चैराहे के अलावा इस तरह के कई पोस्टर शहर के अन्‍य इलाकों में लगाए गए हैं.

गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून  के विरोध में लखनऊ में 19 दिसम्बर को हिंसा की घटना हुई थी. वैसे ठाकुरगंज और कैसरबाग क्षेत्र में हुई हिंसा के आरोपियों के खिलाफ एडीएम सिटी पश्चिम की कोर्ट से वसूली का आदेश जारी हो चुका है. इस मामले में लखनऊ के डीएम अभिषेक प्रकाश ने बताया कि हिंसा फैलाने वाले सभी के लखनऊ में पोस्टर व बैनर लगाए जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा था कि इन आरोपियों की संपत्ति कुर्क की जाएगी. प्रशासन का उद्देश्य इनके चेहरे को बेनकाब करना है.


57 लोग पाए गए थे दोषी

डीएम ने यह भी बताया था कि मजिस्ट्रेट की जांच में 57 लोग दोषी पाए गए. सभी दोषियों के खिलाफ संपत्ति कुर्क करने कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि हिंसा के दौरान एक करोड़ 55 लाख रुपए के नुकसान की वसूली होनी है. उन्होंने कहा सभी लोगों की पहचान कर ली गई है किसी को छोड़ा नहीं जाएगा. जानकारी के अनुसार ठाकुरगंज से 10 और कैसरबाग से 6 आरोपियों को दोषी मानते हुए कुल 69 लाख 48 हजार 900 रुपए हर्जाना तय किया गया है. इनमें शिया चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अबास और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड उपाध्यक्ष कल्बे सादिक के बेटे सिब्तैन नूरी का नाम भी शामिल है.

16 लोगों से होगी नुकसान की वसूली

16 लोगों से सरकारी और निजी संपत्तियों को हुए नुकसान की वसूली की जाएगी. आरोपियों को 30 दिन में यह धनराशि जमा करनी होगी. यह धनराशि इन सभी से या इनकी सम्पत्ति से संयुक्त रूप से वसूली जा सकती है. आदेश में कहा गया है कि प्रत्येक व्यक्ति पूरे अर्थदंड के लिए व्यक्तिगत रूप से व समस्त समूह सामूहिक रूप से जिम्मेदार हैं. मंगलवार को एडीएम सिटी पश्चिम और एडीएम टीजी विश्वभूषण मिश्रा की कोर्ट से यह निर्णय सुनाया गया है.

सरकारी अधिकारी ने किया नुकसान का आकलनएडीएम ने शुभम सिनेमा, कैसरबाग में हुए सार्वजनिक व निजी क्षेत्र की सम्पत्तियों को हुई क्षति का कुल मूल्यांकन एक लाख 75 हजार रुपए किया है. इसी तरह सतखंडा, हुसैनाबाद में हुई सम्पत्तियों की क्षति का मूल्यांकन 67 लाख 73 हजार 900 रुपए किया गया है.

अगर आठ अप्रैल तक धनराशि जमा नहीं होती है तो आरोपियों की सम्पत्ति कुर्क कर के वसूली की जाएगी. आदेश के अनुसार ठाकुरगंज में 14 और कैसरबाग में 15 आरोपी बनाए गए थे. ठाकुरगंज में चार और कैसरबाग में 9 आरोपियों पर सुनवाई के दौरान दोष सिद्ध नहीं हुआ.

ये हैं ठाकुरगंज में हुई क्षति के आरोपी

मोहल्ला जौहरी चैक निवासी कल्बे सिप्तेन, सल्लू शाह तकिया इकबाल नगर निवासी शानू, रामगंज हुसैनाबाद निवासी अरसद मोटा, जूता बाजार ठाकुरगंज निवासी तौकीर उर्फ कल्लू, जाफरिया कालोनी निवासी रिजवान, न्यू हैदरगंज कैम्पवेल रोड निवासी मो. अनस, न्यू हैदरगंज कैम्पवेल रोड निवासी मो. तारीक, मोहनीपुरवा निवासी इस्लाम, नादान महल रोड नक्खास निवासी मो. सैफ अब्बास, तकिया हाता सितारा बेगम निवासी मो. हलीम.कैसरबाग क्षेत्र में हुई क्षति के आरोपी मछली मोहाल तालाब गगनीशुक्ल निवासी इरफान अलीगंज निवासी शहजान, सदर बाजार लकड़ी मोहाल कैंट निवासी मो. समीर, मछली मोहाल तालाब गगनी शुक्ल निवासी मो. आमिर, मछली मोहाल जम्बूखाना निवासी मो. शरीफ और काकोरी कोठी ख्यालीगंज निवासी अब्दुल तौफीक.

53 आरोपी दोषी मिले

एडीएम ट्रांस गोमती ने खदरा और डालीगंज, एडीएम सिटी पूर्व ने हजरतगंज, परिवर्तन चैक में हुई हिंसा के आरोपियों से वसूली के आदेश जारी किए थे. सिटी पश्चिम क्षेत्र मिलाकर अब तक 53 आरोपियों को दोषी मानते हुए क्षति की भारपाई के लिए वसूली के आदेश जारी किए गए हैं.

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